पथवारी माता की कहान | शीतला अष्टमी एवं कार्तिक पूजा | Kartik Pooja | Nirale Rang

 पथवारी माता की कहानी -शीतला अष्टमी एवं कार्तिक पूजा 

शीतल अष्टमी और कार्तिक पूजा पर आधारित कथा | पथवारी माता की कहानी 


पथवारी माता की कहानी-शीतला अष्टमी एवं कार्तिक पूजा
पथवारी माता की कहानी-शीतला अष्टमी एवं कार्तिक पूजा

पथवारी माता की कहानी

यह कथा शीतला अष्टमी  तथा कार्तिक पूजा के समय पथवारी पुजते समय अन्य कहानियों के साथ
कही जाती है।

कथा- पौराणिक कथाओं के अनुसार एक गूजरी माई थी। उसके दो बहएं थीं। दोनों बहओं को सास ने।
दूध बेचने के लिए पास के गांव में भेजा। बड़ी बहू काफी होशियार थी और पैसों का हिसाब भी रखना जानती
थी, इसलिए रोज दूध बेचकर सारे पैसे लाकर सास मां को दे देती थी।

इसके विपरीत छोटी बह बहुत भोली थी। उसे हिसाब लगाना नहीं आता था। एक दिन जब वह दूध बेचने
जा रही थी, तब उसने देखा कुछ महिलाएं-पथवारी पूजन कर रही हैं तथा जल से पीपल के वृक्ष को सीचं रहीं
है। बहू ने उन महिलाओं से पूछा- 'पथवारी पूजने और सींचने से क्या फल मिलता है?' इस पर उन महिलाओं
ने उसे बताया 'पथवारी माता सींचने तथा पूजने से अल धन एवं लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। महिलाओं की बातें
सुनकर छोटी बहू ने दूध वहीं बड़-पीपल में चढ़ा पथवारी माता को सींच दिया। वह प्रतिदिन इसी तरह दूध ले
जाती और पथवारी माता को सींच आती। कुछ दिनों बाद जब सास ने बहू से दूध के पैसे मांगे, तो उसने दूसरे
दिन लाने को कह दिया, परन्तु वह अगले दिन भी पैसे नहीं लाड़ी इस तरह पूरा एक महीना बीत गया। तब सास
ने कहा- 'आज पैसे लेकर ही आना। अगले दिन जब वह पैसे लेने के लिए घर से चली, तो उदास होकर
पथवारी माता के चबूतरे के समीप बैठ गई। तब पथवारी माता बढ़िया का रूप धारण करके आई और बोली-
'बेटी यहां इस तरह उदास क्यों बैठी हो?

बह बोली- 'मेरी सास मुझे रोज दूध बेचने भेजती थी परन्त मझे तो दूध बेचना आता ही नहीं। इसलिए
मैं तो पथवारी माता के ही दूध सींच देती थी। आज सास ने पैसे लेकर आने के लिए कहा है। अब आप ही
बताएं में पैसे कहां से लाऊं?' बदिया माई बोली-बेटी यह पत्थर पडे हैं. इन्हें टोकरे में भरकर ले जा। इन
पत्थरों को कोठे में रख देना।' बहू ने बुढ़िया माई के कहे अनुसार पत्थर टोकरे में भर लिए और घर लौटकर
उन्हें कोठे में रख दिया।

हमेशा की तरह जब सास ने पैसे मांगे, तो वह बोली- 'मां जी कोठे में रखे हैं।'
सास ने जैसे ही कोठे का दरवाजा खोला तो देखा उसमें हरि-मोती एवं अपार धन सम्पदा पडी है। सास
ने छोटी बह से पछा- 'इतनी धन-सम्पदा त कहां से लाई?' इस पर बह ने उत्तर दिया- मैं रोजाना पथवारी माता
के सींच देती थी। उन्हीं की कपा से यह घन मिला है? यह सारी बात जब बडी बह को पता चली तो उसने
सोचा छोटी तो कच्चा दध सींचती थी. मैं गरम-गरमे दध सीचूंगी। यह सोच वह रोजाना गरम-गरम दूध सोचने
लगी। छोटी बह की तरह परा महीना बीतने पर वह पथवारी माता के पास जाकर बैठ गई। पथवारी माता बुढ़िया
के रूप में आई और बोली- 'बेटी क्या चाहिए?' बडी बह बोली- 'मैं रोजाना पथवारी माता के गरम-गरम दूध
सींचती रही हैं। अब सास पैसे मांग रही है। आप बताएं पैसे कहां से लाऊं?' इस पर बुढ़िया माई बोली- 'यह
पत्थर रखे हैं-तू भी ले जा।'

बहून ढेर सारे पत्थर टोकरे में भरे और बड़ी मश्किल से घर के बाहर तक पहंची कि ठोकर खाकर गिर
पहा सार पत्थर घर के बाहर ही गिर गए। आने-जाने वाले लोग ठोकरें खाते और कोसते। वह पुनः पथवारा
डाक पास जाकर बोली- 'हे माता तमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?' तब पथवारी माता बोली- 'छाटा बहू
स एव बिना लालच के दध सींचा था और तने लालच से मेरे ऊपर गरम-गरम दूध चढ़ाया, जिसस
मर शरीर पर फफोले पड़ गए हैं।' बड़ी बहू को अपनी भूल का एहसास हो गया।
 

 👇 🕮  ये भी पढ़े :-

  1.  बहुजनो के ही नही, डॉक्टर अम्बेडकर विश्व समाज के लिए महान व्यक्ति
  2. How To Save Your YouTube Channel - YouTube Tips | अपने यूट्यूब चैनल को कैसे सुरक्षित करे
  3. दिवाली का अर्थ ही पटाखे होता है लेकिन इस वर्ष राजस्थान में नही फोड़े पटाके
  4. अंगूर के पेड़ के पत्ते कैसे होते हैं? | क्या अंगूर के पेड़ होते है?
  5. गलत कर्म का गलत फल -हिन्दी कहानी
  6. international Womens Day Special Hindi Kavita अब लड़ना होगा : नारी
  7.  प्रदोष व्रत की कहानी
  8. शिवरात्रि और आध्यात्मिक प्रगति- Brahmakumaris
  9. तिल चौथ या सकट चौथ कथा  
  10. अहोई अष्टमी व्रत हिन्दू धर्म कथा  
  11. आंवला नवमी की कथा  
  12. पथवारी माता की कहानी-शीतला अष्टमी एवं कार्तिक पूजा  
  13. गणेशजी की कथा- गणेशचतुर्थी विशेष कथा
  • 👇 ये रेसेपी भी पढ़े

  1. स्वादिष्ट राजस्थानी के चटपटे बेसन गट्टे की रेसेपी || Besan Gatte Ki hindi recipe
  2.   कच्चे आम की खट्टी मीठी चटनी बनाने की  रेसेपी  || Recipe for making Mango Sour and Sweet Chutney || Hindi Recipe
  3. राजस्थानी सदाबहार स्वादिष्ट चटनियां की रेसिपी जो जल्दी ही घर पर बना सकते है || Delicious chutney || Hindi Recipe
  4. राजस्थानी  मिक्स  सदाबहार सलाद || Mix Evergreen Salad Recipe in hindi || Hindi Recipe
  5. राजस्थानी टमाटर का स्वादिष्ट सलाद | Delicious tomato salad | hindi Recipe | Salad Recipe in hindi
  6. राजस्थानी स्वादिष्ट  सलाद घर पर कैसे बनाये ||  How to make Rajasthani delicious salad at home || Top 10 Salad list || Hindi Recipes
  7. चाय का मसाला बनाये घर पर, ले चाय की ताज़गी | Hindi Recipes Hub
  8. तिल-मिल लड्डू | तिल और मूंगफली के लड्डू | Sesame and groundnut laddu recipe in Hindi
  9. आलू-पालक की शानदार सब्जी घर पर बनाये 
  10. शानदार ब्रेड ढोकला  की हिंदी रेसेपी | Bread Dhokla recipe in hindi
  11. दाल चीला | DAL CHILA की स्वादिष्ट रेसेपी -हिंदी रेसेपी हब
  12. रवा इडली | RAVA IDALI का स्वादिष्ट पकवान 
  13. कच्चे आम का स्वादिष्ट सलाद बनाए अपने घर पर
  14. उड़द ग्वारफली की राजस्थानी स्वादिष्ट सब्जी 
  15. घर पर चटपटी मसाला मूंगफली कैसे बनाए |
  16. रशियन पास्ता सलाद | RASHIYAN PASTA SALAD
  17. शिमला मिर्च का स्वादिष्ट भरता रायता रेसेपी

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ